देहरादून। उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने चरम पर है, लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर यात्रा की छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार ने युद्ध स्तर पर मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि चारधाम यात्रा की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री के कड़े रुख का असर धरातल पर दिखने लगा है। रुद्रप्रयाग जिले में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान एक ऐसा वीडियो सामने आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी फैलाई जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा कई अन्य संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी गहन जांच जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की चौबीस घंटे निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा, "कुछ तत्व जानबूझकर राज्य की छवि खराब करने और तीर्थयात्रियों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ न केवल मुकदमे दर्ज होंगे, बल्कि कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। सीएम धामी ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि सरकार की ओर से तीर्थयात्रियों की सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन और आपदा सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। डिजिटल माध्यम से यात्रा की निगरानी को मजबूत किया गया है ताकि हर श्रद्धालु को सुगम और व्यवस्थित दर्शन हो सकें। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित या भ्रामक सामग्री को साझा न करें। यात्रा से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों और सरकारी पोर्टल्स पर ही विश्वास करें।