Sep 06, 2026

उत्तराखंड में चुनावी बिगुल! 15 सितंबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट, 1 अक्तूबर से ईवीएम जांच का महाअभियान शुरू

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर प्रशासनिक सुगबुगाहट अब तेज़ और औपचारिक रूप लेने जा रही है। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनावी तैयारियों को रफ्तार देने के लिए अपना 'मास्टर प्लान' तैयार कर लिया है। आगामी 1 अक्तूबर से पूरे प्रदेश में चुनावी गतिविधियों का अगला और सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होने जा रहा है, जिससे राज्य में चुनावी माहौल और गर्माने की पूरी उम्मीद है।

प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंचने लगी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनावी तैयारियों का कैलेंडर तैयार कर लिया है। इसके तहत एक अक्तूबर से प्रदेशभर में ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम चरण की जांच शुरू की जाएगी। मशीनों की जांच के साथ ही मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यकताओं का भी आकलन किया जाएगा। चुनाव आयोग की तैयारियों के तहत शुरुआती चरण में सभी जिलों में ईवीएम-वीवीपैट की जांच की जाएगी। इसके बाद आयोग की टीमें प्रदेश के मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करेंगी। इस दौरान मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए जरूरी व्यवस्थाओं, मूलभूत सुविधाओं और अन्य आवश्यक इंतजामों की पड़ताल की जाएगी। इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना है। चुनाव की तैयारियों के साथ ही मतदाता जागरूकता अभियान को भी गति दी जाएगी। इसके लिए स्वीप के तहत विभिन्न गतिविधियों का खाका तैयार किया जाएगा। निर्वाचन विभाग का फोकस अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर रहेगा। वर्तमान में प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया जारी है। इसके तहत मतदाता सूची में नाम, विवरण और अन्य संबंधित दावों-आपत्तियों की जांच की जा रही है। निर्वाचन विभाग को 11 सितंबर तक सभी दावे और आपत्तियां निस्तारित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अंतिम सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए कुल कितने मतदाता पात्र होंगे। इसके साथ ही मतदाता सूची में संशोधन और पुनरीक्षण की प्रक्रिया का मौजूदा चरण भी पूरा हो जाएगा। निर्वाचन विभाग की तैयारियों को देखते हुए अक्तूबर से चुनावी गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं। ईवीएम-वीवीपैट की जांच, मतदान केंद्रों का सत्यापन, व्यवस्थाओं का आकलन और मतदाता जागरूकता अभियान इन सभी मोर्चों पर एक साथ काम आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसे में 15 सितंबर की अंतिम मतदाता सूची और एक अक्तूबर से शुरू होने वाली ईवीएम जांच को विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।