Oct 13, 2026
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यूपी के अन्नदाताओं के लिए बड़ा दिन: 9.18 लाख किसानों को 483 करोड़ का मुआवजा, आज से 6% सस्ती दर पर मिलेगा कृषि लोन

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के किसानों और अन्नदाताओं को बड़ा आर्थिक संबल देने के लिए दो बड़े फैसलों को धरातल पर उतार दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से फसल गंवाने वाले प्रदेशभर के 9 लाख 18 हजार 91 किसानों को 483 करोड़ रुपये की राहत राशि (कृषि निवेश अनुदान) डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे।

बाढ़, अतिवृष्टि, चक्रवात और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान झेलने वाले उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश सरकार एक ओर क्षतिग्रस्त फसलों के लिए कृषि निवेश अनुदान जारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर लघु और सीमांत किसानों को सस्ती ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने की तैयारी को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 9 लाख 18 हजार 91 किसानों के लिए 483 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को 11 प्रतिशत के बजाय छह प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलने का रास्ता भी खुलेगा। गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कृषि निवेश अनुदान की धनराशि किसानों के खातों में सीधे अंतरित करेंगे। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत से 9 अक्टूबर तक प्रदेश में 9 लाख 18 हजार 91 ऐसे किसानों को चिह्नित किया गया है, जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें बाढ़, अत्यधिक बारिश, चक्रवात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसान शामिल हैं। सितंबर के अंतिम सप्ताह में आए अर्नव चक्रवात के कारण भी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। सरकार का उद्देश्य प्रभावित किसानों को कृषि निवेश अनुदान उपलब्ध कराकर अगली फसल की तैयारी में आर्थिक मदद देना है। फसल बर्बाद होने के बाद बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों के लिए किसानों को दोबारा पूंजी की आवश्यकता होती है। ऐसे में सीधे बैंक खातों में सहायता राशि पहुंचने से उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, फसल क्षति के मद्देनजर जिलों को कृषि निवेश अनुदान के लिए अग्रिम रूप से 169 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 1 लाख 29 हजार 326 किसानों को 78.75 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि, पशुहानि और मकानों को नुकसान पहुंचने के मामलों में प्रभावित परिवारों को 225.93 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। इससे स्पष्ट है कि राहत कार्यों के तहत किसानों के साथ-साथ अन्य प्रभावित परिवारों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। फसल नुकसान की भरपाई के साथ किसानों को सस्ता कर्ज उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से छह प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण मिलेगा। पहले यह ऋण 11 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध था। योजना की शुरुआत 23 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। सोमवार से इसके तहत ऋण वितरण की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा। किसान प्रदेश में बैंक की 323 शाखाओं के माध्यम से योजना का लाभ उठा सकेंगे। कृषि ऋण पर सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान के लिए बैंक को 38 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का आदेश भी जारी किया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं से फसल गंवाने वाले किसानों के लिए मुआवजा और कम ब्याज पर ऋण दोनों महत्वपूर्ण हैं। अनुदान से तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है, जबकि सस्ता ऋण अगली फसल की तैयारी में आर्थिक बोझ कम कर सकता है। हालांकि, किसानों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब सहायता राशि समय पर उनके खातों में पहुंचे और पात्र किसानों को ऋण लेने की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि घोषित सहायता और सस्ती ऋण व्यवस्था का लाभ प्रभावित किसानों तक कितनी तेजी और पारदर्शिता से पहुंचता है।