देहरादून। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पूरा उत्तराखंड देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। राजधानी देहरादून समेत प्रदेशभर में जगह-जगह तिरंगा फहराया गया और स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों तथा देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समूचा उत्तराखंड (देवभूमि) देशभक्ति के अनूठे रंग और उल्लास में सराबोर नजर आया। राज्य का मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह राजधानी देहरादून स्थित ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भव्य परेड की सलामी ली और राष्ट्रीय ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। परेड ग्राउंड के मुख्य समारोह से पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में भी प्रभात बेला पर ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण से पहले मुख्यमंत्री और वहां उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सस्वर गायन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराया और सभी को राष्ट्र की एकता, अखंडता व संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखने की राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सीमाओं की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा, "हमारे अमर बलिदानियों ने जिस सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, उसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने क्षेत्र में निष्ठा और समर्पण से योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के समग्र, संतुलित और सतत विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी नीति और नीयत स्पष्ट है कि विकास की योजना का अंतिम लाभ राज्य के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने प्रदेश की जनता से आह्वान किया कि जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों के बल पर ही उत्तराखंड को देश का अग्रणी और सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने अंत में याद दिलाया कि स्वतंत्रता दिवस का यह अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।