Aug 22, 2026

विधानसभा चुनाव से पहले 'जेन-जी' को साधने में जुटी धामी सरकार, 2 लाख युवाओं को जोड़ने के लिए खेल महाकुंभ का आगाज

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश की युवा आबादी यानी 'जेन-जी' (Gen-Z) को अपने साथ जोड़ने के लिए बड़ा दांव चला है। राज्य के विभिन्न मुद्दों को लेकर युवाओं में दिखे आक्रोश और उनके सक्रिय जुड़ाव के बाद, सरकार ने उन्हें खेलों के जरिए सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का व्यापक खाका तैयार किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर के 2 लाख से अधिक युवाओं को सीधे सरकार से कनेक्ट करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने प्रदेश के दो लाख से अधिक युवाओं को खेलों के जरिए जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खेल महाकुंभ की तैयारियों को व्यापक स्तर पर शुरू करते हुए युवाओं का रजिस्ट्रेशन भी आरंभ कर दिया है। गांव से लेकर जिला स्तर तक होने वाली प्रतियोगिताओं के जरिए सरकार की नजर उन युवा प्रतिभाओं पर भी रहेगी, जिन्हें अब तक संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण बड़ा मंच नहीं मिल सका है। जेन-जी आंदोलन के दौरान युवाओं की बड़ी भागीदारी और रोजगार समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सामने आए असंतोष के बीच सरकार का यह अभियान राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि सरकार इसे युवाओं को खेलों से जोड़ने और प्रतिभाओं को निखारने की पहल के तौर पर आगे बढ़ा रही है। खेल महाकुंभ को इस बार बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिताएं कराना नहीं, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। प्रतियोगिताओं की शुरुआत ग्राम स्तर से होगी। यहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी न्याय पंचायत, विकासखंड, तहसील और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में पहुंचेंगे। इसके बाद प्रतिभावान खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। इस व्यवस्था के जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के उन खिलाड़ियों तक पहुंच बनाना चाहती है, जिन्हें बेहतर प्रशिक्षण और संसाधनों के अभाव में आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पाता। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की निदेशक दीप्ति सिंह के मुताबिक खेल महाकुंभ एक सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक सितंबर को टनकपुर से खेल महाकुंभ का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद एक महीने तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। विभाग का जोर अधिक से अधिक युवाओं का पंजीकरण कराने पर है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और विभागों को लक्ष्य भी दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य इस बार खेल महाकुंभ के माध्यम से दो लाख से अधिक युवाओं को सीधे जोड़ना है। इसके लिए प्रदेशभर में रजिस्ट्रेशन अभियान को व्यापक बनाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि खेल युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का भी प्रभावी माध्यम हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली प्रतियोगिताओं से स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे की प्रतियोगिताओं में पहुंचने का रास्ता मिलेगा। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले शुरू होने जा रहे इस बड़े अभियान पर राजनीतिक नजरें भी टिक गई हैं। जेन-जी आंदोलन के बाद युवाओं के मुद्दे राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं। ऐसे में सरकार का खेल महाकुंभ के जरिए दो लाख से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाने का लक्ष्य अहम माना जा रहा है। सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस लक्ष्य को जमीन पर उतारने की होगी। यदि बड़ी संख्या में युवा रजिस्ट्रेशन कर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, तो खेल महाकुंभ केवल एक आयोजन न रहकर सरकार की युवा नीति का बड़ा मंच बन सकता है। साथ ही यह भी देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी माहौल से पहले युवाओं को खेलों के जरिए जोड़ने की यह रणनीति सरकार के लिए कितनी प्रभावी साबित होती है।