Jun 04, 2026

उत्तराखंड प्रभारी नितिन नवीन के कड़े निर्देशों का असर, चुनाव से पहले भाजपा नेताओं का प्रवास शुरू

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देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव को फतह करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जमीनी स्तर पर पार्टी को अभेद्य किला बनाने के लिए भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने एक बेहद आक्रामक और रणनीतिक योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश के हर सांसद, मंत्री और विधायक को एक-एक विधानसभा क्षेत्र में अनिवार्य रूप से 24 घंटे का प्रवास करना होगा। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस मेगा प्लान पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। इस बैठक में उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कई शीर्ष नेता शामिल हुए।

भाजपा ने इस बार उन सीटों पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है, जहाँ पिछले चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। रणनीति के तहत प्रदेश कोर कमेटी के सभी 17 सदस्य जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर वर्तमान सांसद तक शामिल हैं—को इन 23 हारी हुई विधानसभा सीटों की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये दिग्गज नेता इन क्षेत्रों में 24 घंटे रहकर जनता और कार्यकर्ताओं के बीच समय बिताएंगे। इसके अलावा, बाकी बची सीटों पर मंत्रियों और विधायकों को प्रवास का जिम्मा दिया गया है, जबकि कुछ सांसदों को दो से तीन सीटों की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (उत्तराखंड प्रभारी) नितिन नवीन के दौरे के बाद से ही संगठन में इस तरह की कड़क कार्यप्रणाली का असर दिखने लगा था। इस पूरे प्रवास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भाजपा के संगठनात्मक ढांचे की सबसे मजबूत कड़ी 'शक्ति केंद्रों' को सक्रिय करना है। प्रदेश में भाजपा के कुल 2,835 शक्ति केंद्र हैं। यह शक्ति केंद्र दरअसल तीन से पांच मतदान केंद्रों (बूथों) का एक समूह होते हैं, जो मंडल और बूथ स्तर के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। प्रवास के दौरान सभी नेताओं को इन शक्ति केंद्रों की बैठकों में शामिल होना अनिवार्य किया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर चुनाव प्रबंधन को बेहद प्रभावी बनाया जा सके। नेताओं को अपने प्रवास की पूरी रिपोर्ट सीधे संगठन को भेजनी होगी। संगठन को गति देने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने एक और बड़ा फैसला लिया है। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्व संगठन महामंत्री अजय कुमार को राजस्थान स्थानांतरित कर दिया था, जिसके बाद से यह पद खाली चल रहा था। अब अस्थाई व्यवस्था के तहत प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को ही महामंत्री संगठन का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। अब वह अध्यक्ष के साथ-साथ संगठन महामंत्री के तौर पर भी पार्टी की कमान संभालेंगे और आगामी चुनावी गतिविधियों का संचालन करेंगे। नेताओं के इस 24 घंटे के प्रवास के दौरान दो सामाजिक सरोकारों को अनिवार्य रूप से जोड़ा गया है स्वच्छता और वृक्षारोपण। इसी कड़ी में, 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भाजपा पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने जा रही है। सभी जिलों और मंडलों में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस वृहद अभियान का हिस्सा बनेंगे, जिससे पार्टी राजनीतिक संदेश के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचा सके।