Nov 02, 2026
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खेल महाकुंभ का भव्य समापन: देहरादून के सिर सजा 'मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी' का ताज, सीएम धामी ने किया सम्मानित

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उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और ग्रामीण प्रतिभाओं को राज्य स्तर पर मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित भव्य 'खेल महाकुंभ-2026' का रविवार को गरिमामय समापन हो गया। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजयी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले देहरादून जिले को 'मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी' से नवाजा।

 गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के उद्देश्य से आयोजित खेल महाकुंभ-2026 का समापन हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समापन समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, संघर्ष और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त जरिया हैं। इस अवसर पर देहरादून को मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल हमें जीवन में आगे बढ़ना, चुनौतियों का सामना करना और हार के बाद दोबारा उठकर प्रयास करना सिखाते हैं। खेलों से न केवल व्यक्तित्व निखरता है, बल्कि शरीर भी स्वस्थ रहता है। सरकार का मानना है कि खेल उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। इसी सोच के साथ खेल महाकुंभ की शुरुआत की गई, ताकि प्रदेश के प्रत्येक गांव में मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।उन्होंने कहा कि संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे की प्रतिभा पीछे नहीं रहनी चाहिए। खेल महाकुंभ में न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। इस आयोजन में कुल 3 लाख 35 हजार खिलाड़ियों की भागीदारी रही, जो प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं के उत्साह को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए 11 करोड़ 30 लाख रुपये की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। इस आर्थिक सहयोग से खिलाड़ियों को आगे की तैयारी और खेल गतिविधियों में मदद मिलने की उम्मीद है।धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल महाकुंभ जैसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी प्रतियोगिता का मंच उपलब्ध कराते हैं। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा पहचानने, प्रदर्शन सुधारने और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर मिलता है। 3.35 लाख खिलाड़ियों की भागीदारी के साथ संपन्न हुए खेल महाकुंभ ने प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा मंच उपलब्ध कराया है। अब इन खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा, ताकि उत्तराखंड की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बना सकें।