Jul 25, 2026

यूटीयू परिसर के बाहर कड़ा सुरक्षा पहरा: जबरन प्रवेश करने की कोशिश कर रहे कांग्रेसियों पर पुलिस की कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के बीटेक पेपर लीक मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। शनिवार को इस मुद्दे पर कांग्रेस और उसकी छात्र इकाई एनएसयूआई ने देहरादून स्थित विश्वविद्यालय परिसर के बाहर प्रचंड प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई, जिससे मौके पर भारी तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया।

शनिवार सुबह यूटीयू परिसर के बाहर करीब 400 से 500 कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक इकट्ठा हुए। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी के कई दिग्गज चेहरे एक साथ नजर आए। इनमें पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना मुख्य रूप से मौजूद रहे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और सरकार इसे रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। UTU पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तुरंत SIT (विशेष जांच दल) का गठन करें। इस गंभीर विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं के रोजगार और परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे प्रदेश के लाखों छात्रों का मनोबल टूट रहा है। प्रदर्शन के दौरान जब कार्यकर्ता विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने और घेराव करने की कोशिश करने लगे, तब मौके पर तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी धक्का-मुक्की हुई, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। बढ़ते बवाल को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, ज्योति रौतेला सहित कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को जबरन गाड़ियों में बिठाकर हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड की राजनीति में गरमाहट और बढ़ गई है। बीटेक पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष अब पूरी तरह आक्रामक रुख में आ गया है और सरकार पर सवाल दाग रहा है। देखना होगा कि चौतरफा दबाव के बीच राज्य सरकार इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।