नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को INDIA गठबंधन के घटक दलों की अहम बैठक हुई, जिसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, EVM और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष ने अपनी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना लोकतंत्र के लिए जरूरी है। खरगे ने अपने संबोधन में दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार पत्र लिखकर विभिन्न मुद्दों पर सवाल या आपत्तियां दर्ज कराई थीं। विपक्ष इन पत्रों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवादों को आयोग की कार्यप्रणाली में मतभेद के रूप में उठा रहा है। खरगे ने इसी आधार पर CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। हालांकि, निर्वाचन आयोग का कहना है कि आयोग के भीतर विचार-विमर्श के दौरान टिप्पणियां और मतभेद होना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा SIR से संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। बैठक में खरगे ने आगामी चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची के इस्तेमाल की मांग रखी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उनके मुताबिक निर्वाचन क्षेत्र और बूथ स्तर पर नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। खरगे ने यह भी मांग की कि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे इसकी सूचना दी जाए, नाम हटाने का कारण बताया जाए और प्रभावी अपील की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। विपक्ष का तर्क है कि मतदाता सूची में संशोधन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई पात्र मतदाता प्रशासनिक प्रक्रिया या दस्तावेजों से जुड़ी समस्या के कारण मतदान के अधिकार से वंचित न हो। खरगे ने SIR का जिक्र करते हुए दावा किया कि 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी मतदाता का नाम हटाया गया है तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि किसका नाम हटाया गया और किस आधार पर हटाया गया। हालांकि, इस आंकड़े और नाम हटाए जाने की प्रकृति को लेकर राजनीतिक बहस जारी है और इसे विपक्ष के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। विपक्ष ने मांग की कि मतदाता सूची में होने वाले प्रत्येक बदलाव का निर्वाचन क्षेत्र और बूथ स्तर पर रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पात्र मतदाताओं को सूची में बनाए रखने के लिए स्पष्ट प्रक्रिया और अपील का अवसर सुनिश्चित किया जाए। INDIA गठबंधन की बैठक में EVM को लेकर भी विपक्ष ने अपना रुख दोहराया। खरगे ने आगामी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की। उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया में लोगों के भरोसे से जोड़ते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक मतदाता का वोट समान महत्व रखता है। यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब विपक्ष लंबे समय से EVM और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के सामने सवाल उठाता रहा है। दूसरी ओर निर्वाचन प्रक्रिया में EVM का इस्तेमाल मौजूदा चुनावी व्यवस्था का हिस्सा है और विपक्ष की मांग राजनीतिक स्तर पर बहस का विषय बनी हुई है।
राहुल गांधी के आरोपों का भी जिक्र
खरगे ने अपने संबोधन में राहुल गांधी की ओर से कर्नाटक, हरियाणा और महाराष्ट्र में मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने अलग-अलग मौकों पर चुनाव आयोग के सामने सवाल और शिकायतें उठाई हैं। INDIA गठबंधन का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए मतदाता सूची में बदलाव से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए और शिकायतों पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि चुनावी रोल में बदलाव निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं।
CEC के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर तेज हुई सियासत
CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों की सक्रियता पहले से बढ़ी हुई है। INDIA गठबंधन की बैठक में इस मुद्दे पर साझा रणनीति बनाने पर चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, NCP (शरद पवार), शिवसेना (UBT), RJD, CPI, CPI(M), नेशनल कॉन्फ्रेंस, PDP और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में 19 विपक्षी दलों की भागीदारी रही, जबकि कुछ दल बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल और ममता बनर्जी समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता मौजूद रहे। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची, SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर संयुक्त रूप से आवाज उठाने पर जोर दिया।