देहरादून। उत्तराखंड की राजनीतिक फिजां में इन दिनों 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) और मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर को लेकर तीखी गर्माहट महसूस की जा रही है। देहरादून स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में हुई इंडिया गठबंधन के घटक दलों की अहम बैठक ने यह साफ कर दिया है कि विपक्ष अब इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में है।
प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। मतदाता सूची में नाम काटे जाने और नए नाम जोड़े जाने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने आंदोलन को और धार देने का फैसला किया है। इसी कड़ी में 8 अक्टूबर को देहरादून में इंडिया गठबंधन के बैनर तले मार्च और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में SIR से जुड़े मुद्दों, मतदाता सूची में कथित बदलाव और आगे की आंदोलनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में शामिल नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के बीच गंभीर चिंताएं हैं। बैठक के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि देश के विभिन्न राजनीतिक दल पिछले चार से पांच वर्षों से विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर मतदाता सूची में नाम काटे जाने की प्रक्रिया को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनके मुताबिक इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों का मानना है कि यदि मतदाता सूची में अनियमित तरीके से नाम हटाए या जोड़े जाते हैं तो इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मताधिकार को लेकर सवाल खड़े होते हैं।गोदियाल ने कहा कि इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने इस मुद्दे पर संयुक्त रूप से संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनैतिक तरीके से मतदाता सूची से नाम काटना और गैर-वाजिब लोगों के नाम जोड़ना संविधान की भावना के विपरीत है। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें लेकर सत्ता पक्ष तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े संस्थानों का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब तक सरकार कथित अनियमितताओं को रोकने के लिए कदम नहीं उठाती, तब तक कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल सभी दलों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव रखे और SIR के मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर सहमति जताई। इसी क्रम में ‘लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ’ अभियान के तहत 8 अक्टूबर को देहरादून में मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च गांधी पार्क से शुरू होगा, जिसमें इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदर्शन के जरिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष अपनी आपत्तियां सार्वजनिक तौर पर दर्ज कराएगा। प्रदर्शन का सबसे प्रमुख राजनीतिक मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग होगी। कांग्रेस का कहना है कि SIR की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। 8 अक्टूबर का यह प्रदर्शन उत्तराखंड में SIR को लेकर विपक्ष की संयुक्त रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल इस अभियान में उसके साथ हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का केंद्र बन सकता है।