Mar 19, 2026

पूर्णागिरि धाम में भारी भीड़ के चलते जाम और पार्किंग की समस्या से जूझे श्रद्धालु

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चंपावत। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर सीमांत जनपद चंपावत स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां पूर्णागिरि धाम में भक्ति और श्रद्धा का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। नवरात्रि के प्रथम दिन पर्वतराज की चोटी पर विराजमान मां भगवती के दर्शन के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, दिल्ली और नेपाल जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, समाचार लिखे जाने तक 45 हजार से अधिक श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं और यह सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ ही मंदिर परिसर 'जय माता दी' के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं का उत्साह इस कदर था कि हजारों भक्त एक दिन पहले ही टनकपुर और बनबसा पहुंच गए थे। रात्रि से ही मुख्य मंदिर की ओर चढ़ाई शुरू कर दी गई थी। वर्तमान में स्थिति यह है कि दर्शन के लिए करीब एक किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है, जहाँ से जत्थों में श्रद्धालुओं को आगे भेजा जा रहा है। भारी भीड़ के कारण धाम के मुख्य पड़ावों पर पार्किंग स्थल पूरी तरह भर चुके हैं। निजी वाहनों, बसों और टैक्सियों के भारी दबाव के चलते कई श्रद्धालु पैदल ही मुख्य मंदिर की ओर रुख कर रहे हैं। टनकपुर रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर भी भक्तों की भारी चहल-पहल देखी जा रही है। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और डोले के साथ आ रहे भक्त वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों के मुंडन संस्कार और मन्नतें पूरी होने पर विशेष पूजा-अर्चना के लिए भी पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रखे गए हैं। पेयजल, पथ प्रकाश और विश्राम स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी आपात स्थिति के लिए अलर्ट पर हैं।