Mar 31, 2026

11,000 फीट पर श्वसन देखभाल: सांस लेने में कठिनाई वाले चारधाम तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू होगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष यात्रा मार्गों, ट्रांजिट कैंपों और प्रमुख पड़ावों पर करीब 1350 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी। सभी चिकित्सा टीमें 24 घंटे सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इन सभी कर्मियों को संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अधीन रखा जाएगा। यात्रा के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग और मेडिकल चेकअप की सख्त व्यवस्था की जा रही है। साथ ही मार्गों पर स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी भी प्रदर्शित की जाएगी, जिससे यात्रियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली समस्याओं से बचाव के लिए जागरूक किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण भी देना शुरू कर दिया है। जिला स्तर और राजधानी स्थित मेडिकल कॉलेजों में आयोजित इस प्रशिक्षण में डॉक्टरों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली बीमारियों जैसे सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक थकान, ब्लड प्रेशर असंतुलन और हृदय संबंधी समस्याओं से निपटने के उपाय सिखाए जा रहे हैं। इसके साथ ही आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने का अभ्यास भी कराया जा रहा है। डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। यात्रा मार्गों पर 47 स्वास्थ्य इकाइयां, 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 33 हेल्थ केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं। सभी स्थानों पर आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य जोखिम अधिक रहता है। इसे देखते हुए इन स्थानों पर विशेष रूप से विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा गंभीर मरीजों के त्वरित उपचार के लिए एयर एंबुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है। इस संबंध में एम्स ऋषिकेश से समन्वय किया जा रहा है और जल्द ही यह सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन व्यापक तैयारियों से देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस बार चारधाम यात्रा के दौरान बेहतर, सुरक्षित और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।