Jul 31, 2026

सृष्टि कंडारी मौत मामला अब सीबी-सीआईडी के हवाले, सीएम धामी के आदेश के बाद होगी नए सिरे से जांच

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देहरादून। देवप्रयाग की सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मामले की संवेदनशीलता और लगातार उठ रही निष्पक्ष जांच की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीबी-सीआईडी) को सौंपने के लिखित आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के इस निर्णय के बाद अब पूरे मामले की नए सिरे से गहन और स्वतंत्र जांच होगी, जिससे मौत से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने की उम्मीद जताई जा रही है।

सृष्टि कंडारी की मौत के बाद से ही परिजन और स्थानीय लोग जांच पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि मामले में कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी गहराई से पड़ताल आवश्यक है। इसी मांग को लेकर देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर पूरे प्रकरण को सीबी-सीआईडी को सौंपने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि सृष्टि कंडारी की मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जाए ताकि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, उत्पीड़न या आपराधिक साजिश सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री धामी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल गृह सचिव को जांच सीबी-सीआईडी को सौंपने के निर्देश दिए। सरकार का मानना है कि संवेदनशील मामलों में स्वतंत्र जांच एजेंसी के माध्यम से निष्पक्ष विवेचना होने से जनता का विश्वास भी मजबूत होता है और सच्चाई सामने आने की संभावना बढ़ जाती है।अब सीबी-सीआईडी जांच के दौरान अब तक की पुलिस विवेचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल से जुटाए गए सबूत, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की नए सिरे से समीक्षा करेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से दोबारा पूछताछ भी की जा सकती है। जांच एजेंसी यह भी परखेगी कि शुरुआती जांच में कहीं कोई महत्वपूर्ण तथ्य छूट तो नहीं गया या किसी पहलू की पर्याप्त पड़ताल नहीं हुई। गौरतलब है कि सृष्टि कंडारी की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुई थी, जो सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं। सृष्टि स्वयं एक सरकारी शिक्षिका थीं। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद उन्हें ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और दहेज को लेकर लगातार ताने दिए जाते थे। आरोप है कि इसी प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। सृष्टि की मां की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई का निर्धारण जांच पूरी होने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा। फिलहाल आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब पूरे प्रदेश की निगाहें सीबी-सीआईडी की जांच पर टिकी हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के जरिए मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने आएंगी और यदि जांच में किसी की भूमिका प्रमाणित होती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह कदम मामले में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।