नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के शाहदरा स्थित विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग ने नौ जिंदगियों को निगल लिया और कई परिवारों को गहरे सदमे में छोड़ दिया। यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब चार बजे उस समय हुआ जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग तीसरी मंजिल पर एक कमरे में लगे एसी में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। विवेक विहार के बी ब्लॉक स्थित इस इमारत में कुल आठ फ्लैट थे और हर फ्लोर पर दो-दो फ्लैट बनाए गए थे। आग लगने की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान राहत और बचाव अभियान चलाकर करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन नौ लोगों को बचाया नहीं जा सका। दमकल और पुलिस की टीमों ने इमारत के अलग-अलग फ्लोर से नौ शव बरामद किए, जिन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतकों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं और एक डेढ़ साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस इमारत में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई थी। बिल्डिंग की स्टिल्ट पार्किंग और चारों मंजिलों पर किसी प्रकार का इमरजेंसी एग्जिट नहीं था।
नियमों के अनुसार एक फ्लोर पर एक ही फ्लैट होना चाहिए, लेकिन यहां हर मंजिल पर दो-दो फ्लैट बनाए गए थे। पूरे भवन में बाहर निकलने के लिए केवल एक ही सीढ़ी थी, जिससे आग लगने के दौरान लोगों के पास बच निकलने का कोई विकल्प नहीं बचा। बताया जा रहा है कि कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए छत की ओर भागे, लेकिन वहां दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। इस कारण कई लोग वहीं फंस गए और धुएं में दम घुटने से उनकी मौत हो गई। यह लापरवाही इस हादसे को और भी भयावह बना गई। दिल्ली पुलिस के अनुसार सुबह 3ः48 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत दमकल, डीडीएमए, ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सभी एजेंसियों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य चलाया और आग पर काबू पाया। हादसे में जान गंवाने वालों में अरविंद जैन, अनीता जैन, निशांत जैन, आंचल जैन, आकाश जैन, शिखा जैन, नितिन जैन, शैली जैन और सम्यंक जैन शामिल हैं। वहीं नवीन जैन घायल बताए जा रहे हैं और उनका इलाज जारी है। यह हादसा एक बार फिर शहरी इलाकों में निर्माण नियमों और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि इमारत में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन निकास होते, तो शायद इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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