देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर दोहराया है कि उत्तराखंड में सभी धर्मों और जातियों के लोग पूर्ण सद्भाव के साथ मिलजुलकर रहते हैं। सरकार की नीतियों और योजनाओं का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समान अवसर, सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में सभी धर्मों और जातियों के लोग मिलजुलकर रहते हैं और सरकार का उद्देश्य किसी भी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समान अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास की भावना बनी रहनी चाहिए और इसकी झलक सरकार के कामकाज में भी दिखाई देनी चाहिए। मुख्यमंत्री बुधवार को सर्वे चौक स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 26 अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। शिक्षा सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण भी इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सीएम धामी ने कहा कि परंपराओं का अपना महत्व है, लेकिन बदलते समय के साथ शिक्षा के स्वरूप में भी बदलाव आवश्यक है। आज के बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सूचना प्रौद्योगिकी और आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे प्रदेश के बच्चे वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में विशेषज्ञ बनकर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने शिक्षा संस्थानों से भी बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोग समाज में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार और समाज के बीच विश्वास कायम करने में उनकी दोहरी जिम्मेदारी है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे किसी व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में भी समान कानूनी व्यवस्था जैसी व्यवस्थाएं लागू हैं। यदि ऐसी व्यवस्था खराब होती तो उन देशों में इसे लागू नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ धर्म या जाति देखकर नहीं दिया जा रहा है। राशन, गैस, गरीबी उन्मूलन, ऋण सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को समान रूप से मिल रहा है। सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। अवैध अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्रवाई अवैध गतिविधियों के विरुद्ध की गई है, लेकिन किसी मासूम को परेशान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जो लोग व्यवस्था में सहयोग करेंगे, सरकार भी उनका सहयोग करेगी। धामी ने कहा कि आंदोलन करने वाले बच्चे भी हमारे अपने हैं। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में किसी प्रकार की कटुता न हो और सभी वर्गों के बीच विश्वास कायम रहे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सामाजिक समरसता और विकास के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन रहा है। इस भावना को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सरकार के साथ समाज की भी है।