उत्तराखंड के मसूरी का लाल माधव भारद्वाज बना आईएएस ऑफिसर, माता-पिता हुए भावुक

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देहरादून। मसूरी कैमल बैक रोड के निवासी माधव भारद्वाज द्वारा आईएएस में चयन होने के बाद मसूरी में खुशी की लहर है। माधव भारद्वाज ने 2022 यूपीएससी सिविल सर्विसेज में 536 में रैंक हासिल करके आईएएस अधिकारी बने हैं। बता दें कि माधव भारद्वाज शुरू से ही पढ़ाई में काफी होनहार थे और उनके द्वारा 10वीं और 12वीं में मसूरी वायनबर्ग एलेन स्कूल में टाप किया है वह 12 वी में उत्तराखंड में उन्होने 7वा स्थान हासिल किया था। 12 की पढाई के बाद उन्होने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी जिसके बाद वह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी मे कार्यरत है माधव भारद्वाज ने बताया कि उनके द्वारा शुरू से ही पढ़ाई के प्रति उनका लगाव था और वह बचपन से ही पढ़ाई को लेकर काफी मेहनत करते थे। उन्होने कहा कि उनके दोनो हाथो में कुछ दिक्कते थी जिससे उनको दिक्क्त होती थी वह माता पिता के सहयोग ने उन्होने सभी मुश्किलों को पार किया। उन्होने कहा कि जीवन में कई चुनौतियां होती हैं परंतु उनको डरना नहीं चाहिए वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मेहनत करती रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में नौकरी कर रहे थे और 2020 में उन्होंने आईएएस की तैयारियां शुरू करें वही पहले अटैंप्ट में वह तीन नंबर से रह गए थे जिससे उनको काफी मायूसी थी परन्तु उन्होने हार नही मानी और एक बार फिर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये मेहनत शुरू की। उन्होने कहा कि उनके द्वारा बचपन से ही रात को 9 बजे से सुबह के 4 बजे तक पढते थे वह बीकएंड पर वह पढाई को अधिक समय देते थे। व नौकरी के दौरान वह दिनभर काम पर रहते थे वह देर रात तक पढते रहते थे। उन्होने कहा कि आईएएस की परिकषा में सफल होने के लिये पढाई के साथ शार्प सोच की भी जरूरत होती है। उन्होने बताया कि आईएएस के पहले एटेंम्ट में की गई गलतियों से सबक लेते हुए आईएएस में टॉप करने वाले टापर व 2021 में आईएएस टापर श्रुति शर्मा से प्रेिरित होकर उन्होने मेहनत की जिसके बाद उनको यह सफलता हासिल की है उन्होंने कहा कि अपनी सफलता के लिए वह अपने माता-पिता को श्रेय देना चाहते हैं क्योंकि वह इकलौते पुत्र हैं और वह अपने माता पिता की देखभल के साथ घर उपनी पढ़ाई भी करते हैं उन्होंने कहा कि वह एक अधिकारी बनकर अपने देश की सेवा करेंगे लोगो की समस्याओं को दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जायेगा वह सरकार के द्वारा लोगो की लिये चलाई जा रही जन कल्याण योजनाओं कका लाभ लोगो को मिल सके इसके लिये भी कार्य किया जायेगा।

 

 

माधव भारद्वाज के पिता रामकुमार भारद्वाज ने बताया कि वह खुद एक एयरपोर्ट से रिटायर कर्मचारी है और उनके द्वारा लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में रिसर्च एसोसिएट के पद पर कार्य किया गया और उनका सपना था कि उनके बेटा आईएएस अफसर बने जिसको लेकर वह समय समय पर अपने एकलौते बेटे को प्रेरित करते रहते थे। उन्होने बताया कि माधव भारद्वाज बचपन से ही पढाई में काफी तेज था आज माधव आईएएस ऑफिसर बन गया है और उनको काफी खुशी है उन्होंने कहा कि माधव भारद्वाज बचपन से उसके सामने कई चुनौतियों थी परंतु सभी चुनौतियों को अपने हौसले औा दृड इच्छा से पार करते हुए वह अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ता चला गया और आज वह आईएएस अधिकारी बन गया है।

माधव भारद्वाज की माता एक ग्रहणी है व माधव के आईएएस बनने के बाद उनका ख़ुशी का ठिकाना नही है। उन्होने बताया कि माधव बचपन से ही होनहार है और अपने बलबूते उसने अपने जीवन में सभी मुकामों को हासिल किया है।

News Desk